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यशराज प्रोडक्शन के बैनर तले बनी रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी 2' का ट्रेलर रिलीज होते ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। राजस्थान के कोटा शहर के कई व्यापारिक व सामाजिक संस्थानों ने रानी मुखर्जी की इस फिल्म के कंटेंट पर विरोध जताते हुए प्रतिबंध लगाने की मांग की है। निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'पानीपत' का भी विरोध किया जा रहा है।
संगठनों का आरोप है कि फिल्म मर्दानी 2 में कोटा शहर की खराब छवि दिखापानीपतने की कोशिश की गई है। फिल्म में कोटा से जुड़े आपत्तिजनक दृश्य हटवाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात की। ओम बिड़ला कोटा के सांसद हैं। विरोध करने वालों में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के स्थानीय नेताओं के साथ ही आम लोग भी शामिल हैं।
फिल्म पर आपत्ति जताने वालों का कहना है कि फिल्म में कोटा की छवि खराब की जा रही है। फिल्म की अधिकांश शूटिंग कोटा में हुई है। फिल्म में एक सीरियल किलर को लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम देते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य की शूटिंग कोटा में हुई है। ट्रेलर की शुरुआत में फिल्म को सच्ची कहानी से प्रेरित होकर दृश्य तैयार करना बताया गया है। कोटा के लोगों को इस पर आपत्ति है।
वहीं, आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'पानीपत' का राजस्थान और हरियाणा में विरोध का असर देखने का मिला। सोमवार को जाट आरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने फिल्म पानीपत का विरोध करते हुए सिरसा के ओएचएम सिनेमा संचालक को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब लोग ही फिल्म का विरोध कर रहे है तो वे फिल्म नहीं चलाएंगे। जिला प्रशासन का मैसेज मिल गया है। इसलिए फिल्म को बंद कर दिया है। इधर मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे समिति के जिलाध्यक्ष विनोद ढाका और रणधीर जोधकां ने कहा कि फिल्म 'पानीपत' में जाट समाज के आदर्श महाराज सुरजमल को लालची दिखाया गया है। जो उनके चरित्र और इतिहास के साथ फिल्म निर्देशक की ओर से सीधी छेड़छाड़ है। इसे जाट समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हम फिल्म का विरोध करते है।

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