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नई दिल्ली | जाने माने बंगाली कलाकार प्रदीप घोष (Pradip Ghosh Died) का शुक्रवार को जोधपुर में निधन हो गया। वो 78 साल के थे। प्रदीप के निधन की जानकारी उनके परिवार द्वारा दी गई। प्रदीप घोष (Bengali Poet Pradip Ghosh) का निधन कोरोना वायरस के चलते हुए जिसकी रिपोर्ट बाद में सामने आ सकी। उनका कोविड-19 (Covid-19) टेस्ट कराया गया था जिसमें ये पुष्टि हुई कि वो कोरोना संक्रमित थे। घोष के परिवार द्वारा बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें हल्का बुखार आ रहा था लेकिन कोरोना के कोई खास लक्षण नहीं दिखाई दिए। प्रदीप के निधन पर ममता बनर्जी ने दुख जताया है।
प्रदीप घोष की बेटी पृथा घोष ने मीडिया को बताया कि बीती रात जब उनकी अपने पिता से बात हुई थी तो वो हल्का हांफ रहे थे। जिसके बाद उन्हें चिंता हुई और उन्होंने पूछा था लेकिन घोष ने खुद को ठीक बताया था।
पृथा ने आगे कहा कि पिताजी एक दिन पहले तक बिल्कुल ठीक महसूस कर रहे थे बस उन्हें हल्का बुखार था। हमने मूत्र परीक्षण कराया और रिपोर्ट में कुछ संक्रमण पाए गए। उनकी निधन के बाद कोरोना टेस्ट रिपोर्ट की पुष्टि हुई।
प्रदीप घोष के निधन पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने ट्वीट करते हुए शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा- मैं प्रदीप घोष के निधन से दुखी हूं। वो एक लोकप्रिय वाचक और प्रसिद्ध मुखर कलाकार थे। उनके परिवार, और फैंस के प्रति मेरी संवेदना है।
बता दें कि प्रदीप घोष को बंगाली कविताओं के लिए जाना जाता था। उनके बंगाली कविता पाठ सुनने के लिए लोग टिकट खरीदकर पहुंचते थे। उन्होंने सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी कई कार्यक्रम किए। अमेरिका, ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया देशो में घोष ने अपनी कविताओं से लोगों का दिल जीता था।
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